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  • गांधी फैज ए आम कॉलेज शाहजहांपुर में हिंदी विभाग द्वारा एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं प्रेमचंद साहित्य संस्थान के निदेशक प्रो0 सदानंद शाही और डी.ए.वी. काॅलेज, वाराणसी के डाॅ0 समीर कुमार पाठक ने ‘प्रेमचंद और भारतीय समाज की समस्याएँ विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रोफेसर सदानंद शाही ने प्रेमचंद की कहानियों के हवाले से कहा

    29 नवंबर 2018
    गांधी फैज ए आम कॉलेज शाहजहांपुर में हिंदी विभाग द्वारा एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं प्रेमचंद साहित्य संस्थान के निदेशक प्रो0 सदानंद शाही और डी.ए.वी. काॅलेज, वाराणसी के डाॅ0 समीर कुमार पाठक ने ‘प्रेमचंद और भारतीय समाज की समस्याएँ विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
    प्रोफेसर सदानंद शाही ने प्रेमचंद की कहानियों के हवाले से कहा कि प्रेमचंद के साहित्य में भारतीय समाज के अंतर्विरोधों की चर्चा है। उन्होंने न केवल हिंदू बल्कि मुस्लिम समाज की बुराइयों पर भी प्रहार किया है। उनका साहित्य भारतीय समाज में व्याप्त वर्ग, वर्ण, जाति, स्त्री-पुरुष, सामाजिक सद्भाव आदि सवालों से जूझता है। उन्होंने आगे कहा कि प्रेमचंद के साहित्य में सत्ता के ख़िलाफ़ सच कहने का साहस मिलता है। यह सत्ता राजनीतिक भी है और सामाजिक, धार्मिक भी। प्रेमचंद की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जन सामान्य के अंदर छिपे नायकत्व और सत्यनिष्ठा के प्रति आत्मविश्वास को उजागर करते हैं। प्रेमचंद अपने दौर के ऐसे पहले साहित्यकार हैं जो जितना साहित्यिक सरोकारों के प्रति जागरूक थे, उतने ही सामाजिक और राजनीतिक सरोकारों के प्रति भी।
    डाॅ0 समीर कुमार पाठक ने कहा प्रेमचंद यों तो उर्दू-फारसी की परंपरा से आए थे पर उनका साहित्य उस परंपरा से अलग अपने केंद्र में स्त्री, दलित और किसान की मुक्ति का स्वप्न संजोए हुए है। हिंदी लोकवृत्त में प्रेमचंद ऐसे पहले रचनाकार हैं जो अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और उसके सवालों के प्रति जागरूक दिखाई देते हैं। कहीं-कहीं वे गांधी और नेहरू के विचारों से भी असहमत दिखाई देते हैं। 
    इससे पूर्व कार्यक्रम का आरंभ वकील अहमद द्वारा तिलावते क़ुरान से हुआ। प्राचार्य डाॅ0 जमील अहमद एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ0 फ़ैयाज़ अहमद ने अतिथियों को बैज लगाकर तथा बुके स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। प्राचार्य डाॅ0 जमील अहमद ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज प्रेमचंद के अध्ययन और वर्तमान संदर्भ में उनकी रचनाओं के पुर्नपाठ की बहुत आवश्यकता है। समाज को उनके विचारों से सार्थक दिशा मिल सकती है। आभार व्यक्त करते हुए विभागाध्यक्ष डाॅ0 फ़ैयाज़ अहमद ने कहा कि प्रेमचंद के सचेत पाठ से आज हम समाज की समस्याओं और उसके यथार्थ को बारीकी से समझ सकते हैं।
    कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 मोहम्मद साजिद ख़ान ने किया। कार्यक्रम की सफलता में डाॅ0 राकेश वाजपेयी, डाॅ0 मोहम्मद अरशद ख़ान, डाॅ0 शमशाद अली, डाॅ0 काशिफ़ नईम, डाॅ0 परवेज़ मुहम्मद का विशेष योगदान रहा।
    इस अवसर पर डाॅ0 अब्दुल मोमिन,डाॅ0 सैयद नोमान, डाॅ0 मोहम्मद तैयब, डाॅ0 ख़लील अहमद, सैयद अनीस अहमद, डाॅ0 युक्ति माथुर, डाॅ0 मुसव्विर रिज़वी, डाॅ0 जी.ए.क़ादरी, डाॅ0 सुहेल नक़वी, डाॅ0 आयशा ज़ेबी, डाॅ0 तजम्मुल हुसैन, डाॅ0 तनवीर, डाॅ0 जमा खां, डाॅ0 मंसूर सिद्दीक़ी, डाॅ0 मोहम्मद तुफैल, डाॅ0 सीमा शर्मा, डाॅ0 कौसर जमाल, डाॅ0 स्वप्निल यादव, डाॅ0 एस.एस. पांडे आदि उपस्थित रहे.
    डॉ. जमील अहमद
    प्राचार्य
    गांधी फैज ए आम कॉलेज शाहजहांपुर
     

    Posted by GF College / Posted on Nov 29, 2018

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