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  • गांधी फ़ैज़-ए-आम काॅलेज में आज मौलाना अबुल कलाम आज़ाद तथा अल्लामा इक़बाल के यौमे पैदाइश के मौके ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ तथा ‘राष्ट्रीय उर्दू दिवस’ का आयोजन किया गया।

    दिनांक: 11 नवंबर 2017
     
    गांधी फ़ैज़-ए-आम काॅलेज में आज मौलाना अबुल कलाम आज़ाद तथा अल्लामा इक़बाल के यौमे पैदाइश के मौके ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ तथा ‘राष्ट्रीय उर्दू दिवस’ का आयोजन किया गया।
    संगोष्ठी का आरंभ अरबी विभाग के डाॅ0 वकील अहमद के द्वारा तिलावते कलाम पाक से हुआ। प्रवीण मौर्या, ललित वर्मा, सेहर असलम, नग़मा, नाज़िश, आफताब आलम और शादाब रज़ा, खुशबू सिंह, नेहा परवीन, उमरा नाज़, मोहम्मद जीशान, अरशी बानो ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस और उर्दू के महत्व पर विचार व्यक्त किए। सेहर असलम , नग़मा और नाजिश ने इक़बाल के प्रसिद्ध गीत ‘सारे जहां से अच्छा’ का संुदर प्रस्तुतिकरण किया। 
    प्राचार्य प्रो0 अक़ील अहमद ने कहा मौलाना आज़ाद ने न सिर्फ पत्रकारिता बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किए। अपने पत्रों ‘अल हिलाल और अल बलाग़’ से जहाँ एक ओर स्वतंत्रता की अलख जगाई वहीं दूसरी ओर आज़ादी के बाद शिक्षा को आधुनिकता से जोड़ा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी और सांस्कृतिक संबंध परिषद जैसी संस्थाओं की स्थापना का श्रेय भी उन्हें ही जाता है। 
    उन्होंने आगे कहा उर्दू एक ज़ुबान ही नहीं मुकम्मल तहज़ीब है। उर्दू भाषा का इतिहास भारत की समन्वित संस्कृति का इतिहास है। इसे धर्म विशेष से जोड़कर देखा जाना ग़लत है। इसके विकास के सवाल पर उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इसकी तरक्की की ज़िम्मेदारी विशेषकर विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के अध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं की है। उर्दू को इतना सरल बना देना चाहिए कि गैर उर्दू भाषी के लिए भी समझना आसान हो सके।
    उर्दू के विभागाध्यक्ष और कार्यक्रम-समन्वयक डाॅ0 तजम्मुल हुसेन ने मौलाना आज़ाद और अल्लमामा इक़बाल का स्मरण करते हुए कहा कि ये हमारे इतिहास का सुनहरा अध्याया हैं। आने वाली पीढ़ियों को इनके योगदान से परिचित होना चाहिए। 
    इस कार्यक्रम में डाॅ0 गुलाम अशरफ क़ादरी, डाॅ0 कौसर जमाल, डाॅ0 नसीम,रूबी, डाॅ0 मसीउल्लाह, डाॅ0 आनंद मोहन पांडे, विपिन कुमार शर्मा, आशुतोष अग्निहोत्री आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
     
    भवदीय
     
    प्राचार्य
    प्रो0 अक़ील अहमद
    गांधी फ़ैज़-ए-आम काॅलेज, शाहजहाँपुर
     

    Posted by GF College / Posted on Nov 11, 2017

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