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  • गांधी फैज-ए-आम काॅलेज में आज ‘उर्दू में तारीख़ निगारी’ विषय पर इतिहास विभाग एवं नेशनल काउंसिल फाॅर प्रामोशन आॅफ उर्दू लैग्वेज

    दिनांक: 22 फरवरी 2018
    गांधी फैज-ए-आम काॅलेज में आज ‘उर्दू में तारीख़ निगारी’ विषय पर इतिहास विभाग एवं नेशनल काउंसिल फाॅर प्रामोशन आॅफ उर्दू लैग्वेज नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन शिक्षकों एवं शोध छात्रों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया। साथ ही उर्दू में इतिहास लेखन की परंपरा सीमाओं, संभावनाओं एवं समस्यााओं पर विचार विमर्श किया गया। 
    आज आनंद मोहन पांडे, मसीउल्लाह ख़ान, डाॅ0 तुफैल हुसैन, डाॅ0 शमशाद अली, डाॅ0 इरम जहाँ, चांदनी, रजनीश, डाॅ0 रईस अहमद, रूबी, डाॅ0 नसीम अहमद, डाॅ0 कौसर जमाल, डाॅ0 संतोष सिंह, आसिफ खान तथा डाॅ0 समन ज़हरा ज़ैदी ने अपने शोध पत्रों का पाठ किया।
     प्राचार्य प्रोफेसर अक़ील अहमद ने कहा कि हिंदुस्तान में इतिहास-लेखन और साहित्य-सृजन की बहुआयामी परंपराएं प्राचीन-काल से मध्य-युग होते हुए आधुनिक दौर तक चली आती रही हैं। ये परंपराएं न केवल संस्कृत, फारसी और तमिल जैसी शास्त्रीय भाषाओं में देखने को मिलती हैं, बल्कि मध्य-काल से विभिन्न देशज या क्षेत्रीय भाषाओं जैसे उर्दू, हिंदी मराठी, बंगाली, और कन्नड़ इत्यादि में भी पायी जाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि देशज भाषाई इतिहास की एक बड़ी समस्या यह भी है कि धर्म, जात-पात, क्षेत्रीयता या भाषाई पहचान की राजनीति और संघर्ष में उनका इस्तेमाल एक हथकंडे के रूप में किया जाता है। राजनीतिक विचारधाराओं और ऐतिहासिक यथार्थ के बीच के अंतर्विरोध और अन्य तमाम कठिनाइयों के बावजूद, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और अकादमिक पत्रिकाओं से निकल कर आने वाला इतिहास अपनी बुनियादी उसूलों और रुपरेखा के साथ नए आयाम तलाशता रहा है। 
    इतिहास के विभागाध्यक्ष डाॅ0 तनवीर हुसैन तथा राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डाॅ0 मोहम्मद तैयब ने पढ़े गए शोध पत्रों पर अपनह समीक्षा प्रस्तुत की। आयोजन सचिव डाॅ0 मंसूर अहमद सिद्दीक़ी ने संगोष्ठी का संचालन किया।
    इस अवसर पर बायोटेक्नाॅलाॅजी के विभागाध्यक्ष तथा युवा साहित्यकार डाॅ0 स्वप्निल यादव की पुस्तक ‘भगत’ का विमोचन हुआ। पुस्तक में शहीद भगत सिंह के जीवन के अनुछुए पहलुओ का शोधपरक उल्लेख किया गया है। 
    संगोष्ठी की सफलता में डाॅ0 तुफैल अहमद, डाॅ0 समन ज़हरा जै़दी, डाॅ0 मोहम्मद जमां खां का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान डाॅ0 अब्दुल वहाब, डाॅ0 नईमुद्दीन सिद्दीक़ी, डाॅ0 नसीमुश्शान खां, डाॅ0 फ़रोग़ ख़ुमार, डाॅ0 सैयद नोमान डाॅ0 अब्दुल मोमिन, डाॅ0 अब्दुल सलाम, डाॅ0 ख़लील अहमद, डाॅ0 फ़ैयाज़ अहमद, सैयद अनीस अहमद, वसीम मीनाई, डाॅ0 युक्ति माथुर, डाॅ0 आयशा ज़ेबी, डाॅ0 अबुल हसनात, डाॅ0 सलीम अहमद, डाॅ0 जी0ए0 क़ादरी, डाॅ0 मोहम्मद तारिक़, डाॅ0 रियाज़ अहमद, डाॅ0 मसीउल्लाह, डाॅ0 तजम्मुल हुसैन, डाॅ0 कामरान खां, डाॅ0 आमिल उस्मानी, डाॅ0 शमशाद अली, डाॅ0 काशिफ़ नईम, डाॅ0 परवेज़ मोहम्मद, डाॅ0 पुनीत मनीषी, मोहम्मद रिज़वान सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
     
     
    प्राचार्य
    गांधी फैज.ए.आम काॅलेज 
    शाहजहांपुर

    Posted by GF College / Posted on Feb 23, 2018

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