• Email Us : gfcoff@gmail.com
  • Call Us : 05842-222383

News Details


ALL YOU WANT TO KNOW News

News Details


  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेंटर फॅार एकेडमिक लीडरशिप एंड एजूकेशन मैनेजमेंट (ब्।स्म्ड) के तत्वावधान में आयोजित

    दिनांक: 22 जुलाई 2017
    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेंटर फॅार एकेडमिक लीडरशिप एंड एजूकेशन मैनेजमेंट (ब्।स्म्ड) के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा शिक्षा और प्रशिक्षण में बुनियादी अंतर है। प्रशिक्षण व्यक्ति पर थोपा जता है जबकि शिक्षण उसे स्वतंत्र रूप से विचार करने के योग्य बनाता है। शिक्षक समाज का निर्माता होता है। वह सत्ता का अनुयायी नहीं हो सकता। समाज के प्रति उसकी ज़िम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि एक अच्छे शिक्षक को क्रास कल्चरल कम्युनिकेटर होना चाहिए। अच्छा शिक्षक अच्छा संप्रेषक होता है। उन्होंने वर्तमान शिक्षा पद्धति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज की शिक्षा प्रतियोगिता उन्मुख है, ज्ञान उन्मुख नहीं। आज की शिक्षा बच्चों में तनाव और भय पैदा कर रही है।
    कार्यशाला के प्रथम सत्र में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगर्भशास्त्र के प्रोफेसर शाहिद फ़ारूक़ ने ‘रोल आॅफ इनफार्मेशन टेक्नाॅलाॅजी इन एजुकेशन’ पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का परिदृश्य आश्चर्यजनक रूप से बदला है। शिक्षा प्राप्त करने के पारंपरिक स्रोत बदल गए हैं। आज नवीन सूचना तकनीक का उपयोग करके न केवल समय बचाया जा सकता है बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्रदान की जा सकती है। वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षक नहीं बल्कि शिक्षार्थी प्रमुख है। अतः शिक्षक को भी पारंपरिक प्रविधियों के स्थान पर स्वयं को नवीन सूचना तकनीक से जोड़ना पड़ेगा। पहले सूचना का अभाव था किंतु अब सूचना का आधिक्य है। आवश्यकता उसके चयन और ग्रहण की है। अतः इन बदली हुई परिस्थितियों में शिक्षक को भी अपनी भूमिका बदलनी होगी।
    दूसरे सत्र में प्रोफेसर शाहिद फारूक ने ‘रोल आॅफ इनफार्मेशन टेक्नाॅलाॅजी इन रिसर्च’ पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया और बताया कि सूचना तकनीक ने शोध क्षेत्र में क्रांितकारी बदलाव किए हैं। पहले की अपेक्षा शोध-कार्य अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण हुआ है।
    इससे पूर्व कोर्स कोआर्डिनेटर प्राचार्य प्रोफेसर अक़ील अहमद ने कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ला और प्रोफेसर शाहिद फ़ारूक का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 युक्ति माथुर ने किया। आभार डाॅ0 स्वप्निल यादव ने किया।
    कार्यशाला के दौरान डाॅ0 अनुराग अग्रवाल, डाॅ0 देवेद्र कुमार, जलालाबाद राजकीय डिग्री काॅलेज के प्राचार्य प्रो. श्रीकिशन यादव, सत्यपाल मेमोरियल डिग्री काॅलेज के प्राचार्य डाॅ0 अजीजुर्रहमान खान, डाॅ0 ज़फर अब्बास, डाॅ0 नसीमुश्शान ख़ान, डाॅ0 सैयद नोमान, सै0 अनीस अहमद, डाॅ0 राकेश बाजपेयी, डाॅ0 सै0 सुहेल अख़्तर नक़वी, डाॅ0 फ़रोग़ ख़ुमार, डाॅ0 मोहम्मद तैयब, डाॅ0 ख़लील अहमद, डाॅ0 मोहम्मद सलीम ख़ान, डाॅ0 अबुल हसनात, डाॅ0 अरीब अंजुम रहमान, डाॅ0 अर्चना सक्सेना, डाॅ0 नीलम टंडन, डाॅ0 सीमा शर्मा, रिज़वान अहमद, सैयद शहाब हुसैन, डाॅ0 मोहम्मद ज़मां खाँ सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे।
     
    भवदीय
     
     
    प्राचार्य
    गांधी फ़ैज़-ए-आम काॅलेज

    Posted by GF College / Posted on Jul 24, 2017

103

Awesome Professors

32

Department

15

Courses

10000+

Students

All Rights Reserved © GF College | Designed By Spn Web Developer